गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। कांग्रेस शासनकाल में आनन-फानन में बगैर अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती के खोली गई गणाईगंगोली तहसील चार साल बाद भी असुविधाओं से जकड़ी है। तहसील में न तहसीलदार है, न नायब तहसीलदार और न कानूनगो। पटवारियों के भी पांच पद रिक्त हैं। नतीजतन लोगों की प्रमाणपत्रों के लिए गंगोलीहाट तहसील पर निर्भरता बनी है।
वर्ष 2013 में गंगोलीहाट तहसील से अलग कर गणाईगंगोली तहसील बनाई गई। पांच न्याय पंचायतों की 49 ग्राम पंचायतें इस तहसील में शामिल की गई। तहसील बनने के बाद बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से सटे इस इलाके के लोगों को उम्मीद थी कि अब घर के नजदीक सुविधाएं मिलेंगी, प्रमाणपत्र बनेंगे और अन्य समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन जनप्रतिनिधियों और सरकार की उदासीनता के कारण तहसील कार्यालय अब तक स्वयं ही समस्याओं से मुक्त नहीं हुआ है।
तहसील का कामकाज एक बाबू, रजिस्ट्रार कानूनगो और दो संविदा कर्मियों के भरोसे चल रहा है। आठ पटवारियों में से मात्र तीन कार्यरत हैं। इन्हीं पर आठ पटवारी क्षेत्रों के काम का बोझ होने के कारण राजस्व विभाग के कामकाज पर विपरीत असर पड़ रहा है। तहसील कानूनगो चौकी में संचालित हो रही है। कांग्रेस के शासनकाल में तहसील में व्यवस्था जुटाने के लिए खास प्रयास नहीं हुए। भाजपा की सरकार को आठ महीने का समय होने जा रहा है, लेकिन तहसील को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठते नहीं दिख रहे।
गणाईगंगोेली तहसील में जल्द तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो की नियुक्ति कराई जाएगी। जनता को हो रही दिक्कतों को दूर कराया जाएगा। -मीना गंगोला, विधायक, गंगोलीहाट