धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला के कांग्रेसी ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ 26 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद से क्षेत्र पंचायत सदस्यों की भाजपा और कांग्रेस ने इस तरह घेराबंदी कर दी है वह खेमों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। दोनों दल इस प्रयास में हैं कि 12 अक्तूबर तक कोई भी सदस्य दूसरे दल के साथ संपर्क न बनाए। 12 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा। उसी दिन ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी का फैसला भी होगा।
बताया गया कि भाजपा के खेमे में इस समय 25 सदस्य हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों की संख्या 26 थी, लेकिन एक सदस्य की बाद में मौत हो गई थी। कांग्रेस का दावा है कि उसके पास 13 सदस्य हैं और भाजपा खेमे के एक-दो सदस्य उसके पक्ष में आ सकते हैं। धारचूला क्षेत्र पंचायत समिति में सदस्यों की कुल संख्या 38 है। अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए दो तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में अब तक किसी भी पक्ष में स्पष्ट समर्थन कह पाने की स्थिति नहीं है। अब जैसे-जैसे अविश्वास प्रस्ताव के लिए मतदान का समय नजदीक आ रहा है, लोगों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है।
बता दें कि ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ नाराजगी विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद ज्यादा बढ़ गई थी। उनकी कार्यशैली को लेकर कुछ सदस्य पहले से ही आवाज उठा रहे थे, लेकिन विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद अविश्वास प्रस्ताव की जमीन तैयार होने लगी थी। प्रशासन ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। पिथौरागढ़ के एसडीएम एसके पांडे को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। धारचूला के एसडीएम आरके पांडे पूरी व्यवस्था का संचालन करेंगे। सीडीओ आशीष चौहान ने इस आशय का आदेश एक सप्ताह पूर्व जारी कर दिया था।