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पर कार हादसे में नहीं बच पाई देबुली देवी

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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। नया बस्ती गांव की देबुली देवी (55) पत्नी कालू राम का पांव पिछले दिनों मोटरसाइकिल से कुचल गया था। उनका बेटा गणेश राम खुद ही उनको कार से पिथौरागढ़ ले गया और जिला अस्पताल में प्लास्टर चढ़ाने के बाद उनको वापस ला रहा था।
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मोटरसाइकिल दुर्घटना से तो देबुली बच गई थीं, लेकिन दुर्घटना उनका पीछा नहीं छोड़ रही थी। बताते हैं कि कार के खाई में गिरने के बाद गणेश राम ने सबसे पहले मां को ही उठाने का प्रयास किया था, लेकिन तब तक देबुली देवी की मौत हो चुकी थी। गांव के लोगों ने बताया कि 15 जुलाई को गांव के ही मुकेश नित्वाल की बाइक से देबुली को टक्कर लगी और उनका पांव टूट गया था।

गणेश राम को इस बात का मलाल है कि वह अपनी चोटिल मां का इलाज करने के बाद भी नहीं बचा पाया, जबकि पिथौरागढ़ में प्लास्टर चढ़ाने के बाद लौटते समय उसको यह उम्मीद थी कि अब मां ठीक से चल-फिर लेगी। 40 दिन बाद डॉक्टर ने प्लास्टर काटने के लिए दोबारा आने को कहा था, लेकिन सब कुछ आधे रास्ते में ही समाप्त हो गया।
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चंद्रकुमार अब पूरी तरह अनाथ हो गया
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मजदूरी के साथ पढ़ाई करने वाले नया बस्ती निवासी चंद्र कुमार की खबर अमर उजाला ने दस जुलाई के अंक में प्रकाशित की थी। पिता सोबन राम की मौत के बाद वह अपनी मां मंजू देवी के साथ रहता था। वह मां को कोई कष्ट न हो, इसके लिए स्कूल से जो समय मिलता, उसमें मजदूरी करता। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. हेमंत मर्तोलिया ने इस प्रतिभावान विद्यार्थी को सम्मानित किया था। शनिवार रात हुए कार हादसे में उसने अपनी मां को भी खो दिया है। चंद्र कुमार के सामने यह समस्या है कि अब कैसे छोटे भाई की पढ़ाई कराएगा और खुद कैसे आगे की पढ़ाई जारी रखेगा। इस बार इंटर पास हो चुके चंद्र कुमार ने तय किया था कि वह आगे की पढ़ाई जारी रखने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करेगा।
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