पिथौरागढ़। ऑलवेदर सड़क पर चंपावत से पिथौरागढ़ तक 35 भूस्खलन प्रभावित स्थलों का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यह कार्य लगभग 115 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इस रूट पर 48 नए भूस्खलन प्रभावित स्थलों का चिह्नीकरण कर मंत्रालय को भेजा गया है। इन स्थलों का भी शीघ्र ट्रीटमेंट किया जाएगा। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कही।
सोमवार को पिथौरागढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि मानसून काल में यातायात सुचारु रखने के लिए जेसीबी, पोकलेन और टिप्परों की निविदा आमंत्रित कर ली गई है। पिथौरागढ़ में बाईपास के लिए प्रक्रिया जारी है। बाईपास सड़क की लंबाई लगभग 12 किलोमीटर है। बाईपास निर्माण से भविष्य में यातायात सुगम होगा।
उन्होंने बताया कि चंपावत जिले में भी बाईपास सड़क बनाने के लिए जमीन चिह्नीकरण की कार्यवाही भी हो चुकी है। राज्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में धारचूला-तवाघाट- छियालेख से कालापानी-लिपुलेख सड़क के चौड़ीकरण और सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। इसके तहत तवाघाट- गुंजी के बीच में स्थित छियालेख में टनल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए तीन डीपीआर तैयार की गई हैं। इनमें से एक डीपीआर का चयन कर टनल का निर्माण किया जाएगा। संवाद