मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पिछले डेढ़ दशक से आपदा की मार झेल रहे मुनस्यारी के कुलथम गांव के विस्थापन का रास्ता साफ हो गया है। गांव के 20 परिवारों के विस्थापन के लिए दरकोट और दराती गांवों में स्थान चयनित कर लिया है। भूगर्भ विभाग ने भी चयनित जमीन को हरी झंडी दे दी है।
कुलथम गांव में एक दशक पहले भारी भूस्खलन हुआ था। इससे कई मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। कई परिवारों ने गांव छोड़कर दूसरी जगह शरण ले ली थी। वर्तमान में गांव में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार ही रह रहे हैं। भूगर्भीय जांच में इस गांव को खतरनाक घोषित किया गया था। इसको देखते हुए प्रशासन लंबे समय से इस गांव के विस्थापन के प्रयास कर रहा था।
मुनस्यारी के नजदीक दरकोट और दराती गांव में भूमि चयनित की गई थी। प्रशासन ने चयनित स्थल के भूगर्भीय सर्वेक्षण की संस्तुति की थी। जिला भूगर्भ विज्ञानी एवं खान अधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने चयनित स्थल के सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया है। भूगर्भ वैज्ञानिक ने बताया कि दोनों चयनित स्थल भूगर्भीय दृष्टि से उपयुक्त हैं। सर्वे की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाएगी।