पिथौरागढ़। छह गांवों के प्रधानों ने बैठक कर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का विरोध किया है। उन्होंने आक्रोश जताया कि पालिका क्षेत्र में शामिल करने के बावजूद गांवों में नागरिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
रई स्थित एक बारात घर में आयोजित धनौड़ा, नेड़ा, बस्ते, दौला, सिकड़ानी और ऐंचोली के प्रधानों की बैठक में कहा गया कि पालिका में शामिल किए गांवों में नालियों की सफाई, सीवरेज व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, पेयजल आदि की सुविधा नहीं दी जा रही है। यदि शासन-प्रशासन गांवों के विकास की मंशा रखता है तो वह पालिका क्षेत्र से बाहर रहकर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में रिव्यू पिटीशन दायर करने जा रहे हैं।
साथ ही चेताया कि यदि जबरन पालिका में शामिल किया गया तो वह सड़कों पर उतरेंगे। बैठक में प्रधान बस्ते मोहन चंद्र शर्मा, नेड़ा हरीश शर्मा, दौला के भूपेश नगरकोटी, धनौड़ा के अशोक चंद, सिकड़ानी के हरि सिंह बोरा, ऐंचोली के दिनेश पांडेय, व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर, उत्तम सिंह, रामी चंद, संजय शर्मा, प्रकाश चंद्र, संजू शर्मा, मनोज जोशी, ललित उप्रेती, सुनील, सुरेश शाही, चंद्रप्रकाश पुनेड़ा, गणेश शर्मा, प्रकाश शर्मा आदि थे।