पिथौरागढ़। अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर यहां कैंट रोड जाखनी स्थित बसेड़ा हॉस्पिटल में डॉक्टर्स-डे पर 200 मरीजों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श दिया गया। अस्पताल के सर्जन डा. पीएस बसेड़ा ने शुक्रवार शाम को ही अपने स्टाफ को बता दिया था कि किसी भी मरीज से पर्ची का शुल्क न लिया जाए। शनिवार को अपेक्षाकृत ज्यादा संख्या में मरीज पहुंचे। कुछ मरीज तो अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से की गई पहल की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे थे। डा. बसेड़ा ठीक दस बजे अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर मरीजों को देखना शुरू किया।
डा. बसेड़ा ने बताया कि ज्यादातर मरीज पेट संबंधी बीमारी, गैस, पथरी, गुर्दे, मूत्र की बीमारी वाले आए थे। इनमें से कुछ मरीजों को दवा दी गई। जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत है, उनको अलग से तिथि दे दी गई है। अमर उजाला फाउंडेशन ने इस बार डॉक्टर्स-डे पर मरीजों के हित में कुछ खास करने का फैसला लिया था। बसेड़ा हॉस्पिटल के प्रबंधन ने इस प्रस्ताव को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया। यही नहीं किसी भी मरीज से शनिवार को पर्ची का शुल्क नहीं लिया गया। जब अस्पताल में यह बदलाव देखा गया तो मरीज और उनके साथ आए तीमारदार बेहद खुश हुए और अमर उजाला की इस पहल की सराहना की।
डा. बसेड़ा ने बताया कि डॉक्टर्स-डे पर पिछले वर्षों तक वह कार्यक्रम जरूर करते थे, लेकिन मरीजों की सेवा के लिए यह विचार पहली बार अमर उजाला की ओर से दिया गया। उन्होंने वादा किया कि यदि भविष्य में अमर उजाला लोगों के स्वास्थ्य के लिए कोई कदम उठाता है तो उसमें साथ दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों से कई लोग यह जानकारी हासिल करने लगे थे कि डॉक्टर्स-डे पर यह आयोजन किस तरह का होगा। डा. बसेड़ा ने अपरान्ह तीन बजे तक मरीजों की जांच जारी रखी। लोगों को इससे काफी लाभ पहुंचा।
नेपाल से भी पहुंचे मरीज
पिथौरागढ़। नेपाल के बैतड़ी जिले से भी कई मरीज शनिवार को बसेड़ा हॉस्पिटल पहुंचे थे। उनको अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल की जानकारी मिल गई थी। धारचूला, मदकोट, मुनस्यारी, झूलाघाट से भी बड़ी संख्या में मरीज आए। पिछले दो दिनों से इस कार्यक्रम का समाचारपत्र के माध्यम से प्रचार हो रहा था और शनिवार को लोगों ने इस अवसर का लाभ उठाया।