प्रो. कठायत
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डा. बीआर अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत रसायन विज्ञानी डॉ. केएस कठायत का कहना है कि अब तक जितने रसायनों की खोज हुई है, उनमें 38 रसायनों को अप्राकृतिक तरीके से तैयार किया जाता है।
हाल ही में फ्लोरीन नामक जिस रसायन को तैयार किया गया, वह चीनी से तैयार किया गया। इससे पहले फ्लोरीन तैयार करने में ग्रेफाइड का इस्तेमाल किया जाता था, इसमें लागत बहुत आती थी। डॉ. कठायत यहां चल रहे साइंस आउटरीच कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं।
बातचीत में उन्होंने बताया कि फ्लोरीन नामक रसायन का उपयोग चिकित्सा और रक्षा सामग्री तैयार करने में किया जा रहा है। बताया कि अब तक प्रकाश में आए कुल 118 रसायनों में से 80 रसायन ऐसे हैं, जो प्रकृति से मिल जाते हैं। शेष को कृत्रिम तरीके से तैयार किया जाता है। अब भी कई प्रकार के यौगिकों को मिलाकर वैज्ञानिक नए रसायनों की खोज में लगे हुए हैं।
वह कहते हैं कि जिस तरह वर्णमाला के अक्षरों को मिलाकर शब्द तैयार किया जाता है, ठीक उसी तरहस से कई प्रकार के यौगिकों को मिलाकर एक रासायनिक पदार्थ तैयार होता है।