पिथौरागढ़। सीमांत जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब जिला अस्पताल में टूटे जबड़े जुड़ने लगे हैं और संबंधित लोगों को इसके लिए मैदानी क्षेत्रों के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। पिछले तीन महीने में जिला अस्पताल में 36 लोगों के टूटे जबड़ों का सफल ऑपरेशन किया गया। दुर्घटना में घायल 10 लोगों के भी टूटे जबड़े ऑपरेशन से जोड़े गए।
जिला अस्पताल के दंत विभाग में लगभग आठ माह पूर्व ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन की नियुक्ति की गई। इसके बाद यहां पहली बार टूटे जबड़ों को जोड़ने के लिए ऑपरेशन की सुविधा शुरू हुई। जिले में आए दिन हादसे होते हैं। इन हादसों में कई घायलों के जबड़े टूटते हैं। इन्हें जोड़ने के लिए सिर्फ ऑपरेशन की एकमात्र विकल्प है। अब तक इस तरह के ऑपरेशन की जिले में सुविधा न होने से संबंधित घायलों को मैदानी क्षेत्रों के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
अब जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से घायलों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते तीन महीने में 36 लोगों के टूटे जबड़ों को ऑपरेशन कर जोड़ा गया है। प्रबंधन के मुताबिक एक सप्ताह में औसतन तीन से चार लोग इस दिक्कत से जूझते हुए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
20 मरीजों के ट्यूमर, सिस्ट का किया उपचार
दंत विभाग में ट्यूमर, सिस्ट, म्यूकोसिल, दांतों के अंदर की ओर होने की सर्जरी भी शुरू हो गई है। अस्पताल में पिछले तीन माह में इन दिक्कतों से जूझ रहे 20 मरीजों का ऑपरेशन कर इलाज किया गया। इसके साथ ही अब दंत विभाग में जीभ, गाल, होठ के अनियमित विकास का उपचार भी उपलब्ध हो रहा है। संवाद
कोट
दंत विभाग में जबड़ों की हड्डी टूटने, दांतों को ठीक करने के लिए ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। रोजाना चार से पांच मरीज दांतों को सीधा कराने, ट्यूमर के ऑपरेशन आदि के अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने से इसका लाभ मरीजों को मिल रहा है। - डॉ.अरविंद, ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन, दंत विभाग, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़