पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते अंबेडकर छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी
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अंबेडकर छात्रावास में रहने वाले 35 छात्रों को सोमवार को भूखा सोना पड़ा। छात्रों का कहना था कि उनको निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन दिया जाए, लेकिन ठेकेदार ने असमर्थता जताने पर ठेकेदार ने सोमवार को दोपहर और रात का खाना नहीं बनाया। मंगलवार को भी भोजन न बनने से छात्र भूखे पेट ही जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन किया। डीएम सी रविशंकर के अनुसार उन्होंने एसडीएम एसके पांडे को समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने एक पटवारी भेजकर सभी 35 छात्रों को होटल में दिन का भोजन कराया और रात से भोजन की व्यवस्था सुचारु करने का आश्वासन दिया।
अंबेडकर छात्रावास में वर्तमान में कॉलेज में पढ़ने वाले 35 छात्र रह रहे हैं। शासन से हर छात्र के प्रतिदिन के भोजन के लिए 69 रुपये मिलते हैं। निविदा के वक्त ठेकेदार ने ठेका लेने के लिए काफी कम दाम रखे। कम दाम की वजह से वह छात्रों को अंडा, मक्खन, अच्छी श्रेणी का चावल, सही दाल-सब्जी नहीं दे रहा था। इसे लेकर छात्रों में कई दिनों से असंतोष था।
अंबेडकर छात्रावास के अध्यक्ष किशोर राम ने बताया कि खाने के अलावा छात्रावास में कई तरह की अव्यवस्थाएं हैं। छात्रावास में लगा पानी का फिल्टर भी खराब पड़ा रहता है। छात्रावास में नहाने-धोने के लिए भी सामग्री नहीं है। कई छात्र ऐसे हैं, जिनको छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। इन समस्याओं को लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे छात्रों की सभी समस्याओं को डीएम ने गंभीरता से सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
अंबेडकर छात्रावास में कम हो रही संख्या
अंबेडकर छात्रावासों का संचालन प्रदेश सरकार करती है। पिथौरागढ़ के इस छात्रावास में अनुसूचित जाति के गरीब छात्रों को प्रवेश मिलता है। छात्रावास में कुल क्षमता 50 छात्रों के रहने की है, लेकिन यह संख्या लगातार कम हो रही है। इस समय मात्र 35 छात्र ही इसमें रह गए हैं। पहले भी इस छात्रावास की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र प्रदर्शन कर चुके हैं।