डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल के यात्री सात दिनों से गुंजी में खराब मौसम के चलते फंसे हैं। चौथे दल के यात्री भी वापसी में अभी गुंजी में ही हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम के रुख को देखते हुए यात्री डरे-सहमे हैं। हालांकि, तीसरे दल का एक यात्री अकेला ही गुंजी से बूंदी पहुंच गया, जिसे शुक्रवार को हेलीकॉप्टर द्वारा धारचूला लाया गया। वहीं, सातवां दल अभी पिथौरागढ़ से गुंजी को उड़ान नहीं भर पाया है।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार तीसरे दल के यात्री कैलाश की परिक्रमा पूरी कर छह जुलाई से गुंजी में फंसे हैं। चौथे बैच के यात्री 10 जुलाई से गुंजी में हैं। गुंजी में इस समय दोनों दलों के 115 यात्री फंसे हैं। इनमें से तीसरे दल के एक यात्री कर्नाटक के नागार्जुन शिवानंद (40) गुंजी से बूंदी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि महत्वपूर्ण कार्य के चलते उन्होंने अकेले ही गुंजी से नीचे निकलने का निर्णय लिया। यात्री को बूंदी में रोक दिया। शुक्रवार को उन्हें हेलीकॉप्टर से धारचूला लाया गया।
उच्च हिमालयी क्षेत्र छियालेख, गर्ब्यांग में घने कोहरे के चलते पिथौरागढ़ से गुंजी को वायुसेना के हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। सातवें दल के 57 यात्री अभी पिथौरागढ़ में रुके हुए हैं। शुक्रवार को भी छियालेख, गर्ब्यांग में बारिश और घना कोहरा छाने से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए।
पांचवें दल की मानसरोवर परिक्रमा आज से
डीडीहाट। कैलाश यात्रा पर गया पांचवां दल शनिवार से मानसरोवर की परिक्रमा शुरू करेगा। छठा दल डेरापुक पहुंच गया है। यात्री कैलाश की परिक्रमा में जुट गए हैं।