पिथौरागढ़। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टरों की मदद ली लाएगी। वायु सेना की ओर से इसकी अनुमति मिल गई है। इन हेलीकाप्टरों से अधिकारी भी आपदा प्रभावित क्षेत्र में जाकर मॉनीटरिंग कर सकेंगे।
जिले के धारचूला-मुनस्यारी में आपदा की घटना के बाद बुधवार को पिथौरागढ़ पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना का पूरा सहयोग मिलेगा। इसके लिए सेना के अधिकारियों से बातचीत हो गई है। इस समय पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी में वायु सेना के चार एमआई-17 हेलीकाप्टर मौजूद हैं। आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए इनकी मदद ली जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामग्री भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुनस्यारी और धारचूला में अतिवृष्टि के कारण जानमाल की क्षति हुई है। जिन क्षेत्रों में सड़कें, पानी व बिजली की व्यवस्थाएं बाधित हुई हैं उनमें तेजी से व्यवस्थाओं में सुधार का काम चल रहा है। लोनिवि, एनएच और बीआरओ को तेजी से सड़कें खोलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई दुरुस्त की जा रही है। जिन 42 गांवों में बिजली गुल हो गई थी उनमें से 30 गांवों की सप्लाई सुचारु हो गई है। 12 गांवों में कल तक सप्लाई दुरुस्त कर दी जाएगी। धारचूला- मुनस्यारी सीएचसी में चिकित्सकों की कमी नहीं है। अन्य सभी पीएससी में फार्मेसिस्ट तैनात हैं। सीएमओ को धारचूला भेज दिया है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
धारचूला में जल्दी लगेगा बीएसएनएल का टॉवर
पिथौरागढ़। कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने कहा कि सीमांत धारचूला तहसील के जिस दुर्गम क्षेत्र में लोग संचार के लिए नेपाली सिम का प्रयोग करते हैं उन क्षेत्रों में जल्दी बीएसएनएल अपने टॉवर लगाएगा। इसके लिए दूर संचार विभाग के अधिकारियों को टॉवर की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 11 फोन डीएसबीटी के हैं। इनमें से दो फोन मुख्यालय, दो फोन एसडीएम को दिए गए हैं। शेष फोन एसडीआरएफ की टीम को उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीणों के अलावा ग्राम प्रहरी, राशन डीलर, मनरेगा के रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की भी आपदा की सूचना के लिए मदद ली जाएगी।
बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी
पिथौरागढ़। आपदा काल में अधिकारियों की छुट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी अधिकारी अब बिना जिलाधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। यहां तक कि जिलाधिकारी या अन्य अधिकारियों को विशेष परिस्थितियों में ही देहरादून में आयोजित होने वाली बैठकों में बुलाया जाएगा। यदि अति आवश्यक न हुआ तो वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।