पिथौरागढ़। डीएलएड प्रशिक्षण का विरोध कर रहे जिले के 2200 राज्य प्राथमिक शिक्षक असहयोग आंदोलन में कूद पड़े हैं। इसके साथ ही इन शिक्षकों ने शिक्षण कार्य छोड़कर विभाग के अन्य कार्यों का भी बहिष्कार कर दिया है। बड़े पैमाने पर शिक्षकों के असहयोग आंदोलन से विभाग की परेशानी बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार को राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह वल्दिया और मंत्री जेपी वर्मा ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के समक्ष असहयोग आंदोलन का एलान किया। इसके तहत जिले के 1444 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के 2200 शिक्षक विभागीय कार्यों से दूरी बनाए रखेंगे। इसके तहत ये शिक्षक सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की विभागीय सूचना का आदान-प्रदान नहीं करेंगे।
मध्यान्ह भोजन योजना के एसएमएस नहीं भेजे जाएंगे। प्रारंभिक शिक्षा के अधिकारियों के अलावा अन्य किसी भी नामित अधिकारी या कर्मचारी का विद्यालयों में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षक इन अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी विभागीय कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। विद्यालय स्तर पर कोई भी ऑनलाइन फीडिंग का काम नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही मासिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों को सोशल मीडिया पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षक विभागीय प्रक्रिया का विरोध करते हुए विद्यालय स्तर पर खुद ही मूल्यांकन करेंगे। मिशन कोशिश के संचालन में कोई भी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षक संघ पदाधिकारी निर्मला महर और दिग्विजय सिंह चौहान ने बताया कि असहयोग के जरिये विभाग की मनमानी का विरोध किया जाएगा।
राज्य प्राथमिक शिक्षकों के असहयोग से विभागीय कार्यों के संचालन में बाधा आएगी। विभाग इस समस्या को देखते हुए वैकल्पिक उपाय तलाशने की कोशिश करेगा। शिक्षकों से विभाग हित में असहयोग वापस लेने की अपील है। -डॉ. वीपी सिमल्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़