पिथौरागढ़। लंबे समय से आंदोलित गुरिल्लों को समस्याओं के निस्तारण की उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री कार्यालय के दखल के बाद उत्तराखंड शासन हरकत में आया है। मुख्य सचिव ने अपर सचिव को पत्र लिखकर गुरिल्लों को उपनल के माध्यम से नौकरी देने को कहा है। वहीं, वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने गुरिल्लों की पेंशन की मांग को समायोजित बजट में रखने का प्रस्ताव दिया है।
गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राम ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने तीन सूत्री मांगों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजा था। इसमें 40 वर्ष आयु के गुरिल्लों को नौकरी देने, आयुसीमा से बाहर पेंशन के साथ ही मृतक आश्रितों को भी पेंशन का लाभ देने की मांग की गई थी। पत्र मेें गुरिल्लों ने अपनी समस्याओं और लंबे आंदोलन का भी जिक्र किया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव को गुरिल्लों की समस्याओं के निस्तारण को कहा। इस पर मुख्य सचिव ने अपर सचिव को पत्र लिखकर उपनल के माध्यम से गुरिल्लों को नौकरी देने को कहा है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने गुरिल्लों की पेंशन की मांग को समायोजित बजट में प्रस्तावित किया है।
गुरिल्लों ने बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की
बृहस्पतिवार को जिले भर के गुरिल्ले मुख्यालय में एकत्र हुए। उन्होंने यहां बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। गुरिल्ला संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश और उत्तराखंड शासन की कार्यवाही के बारे में बताया। उन्होंने जल्द से जल्द मांगें पूरी करने पर जोर दिया। साथ ही चेताया कि यदि इस वर्ष के भीतर तीनों मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान भुवन बोरा, शमशेर सिंह, संजय धामी, गोपाल सिंह, देवराम, प्रेमराम, पूरन राम, अमर सिंह, गंगा राम, धनी राम, तुलसी देवी आदि थे।