पिथौरागढ़। जिले में जल स्रोतों केे सूखने से पेयजल योजनाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले की दर्जनों पेयजल योजनाओं का जलस्तर घटा है। इस साल जिले में 37 पेयजल योजनाओं को समस्याग्रस्त घोषित किया गया है।
इन योजनाओं से पानी की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। जिले को रोजाना 18 एमएलडी पानी की दरकार है, लेकिन इसका आधा भी बमुश्किल मिल पा रहा है। पेयजल योजनाओं का जलस्तर कम होने से जिले की दर्जनों मानवबस्तियों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।
समस्याग्रस्त बस्तियां
पिथौरागढ़ की समस्याग्रस्त बस्ती डिग्री कॉलेज, सरस्वती विहार, पांडेगांव, विण, जगदंबा कालोनी, चोरसुला, खाकर सैनी, दौला।
कनालीछीना की समस्याग्रस्त बस्ती बुंगाछीना तोक, अगन्या खुलेती, तड़ीगांव, ओलीगांव, मुवानी बाजार, दिगड़ा, चौसाली बाजार, लेकघाटी, चिड़ियाखान, नावनौली, ल्वांठी, मुडौली, गैनाली, भौतड़ी, सूनाकोट, बाराकोट, घिंघरानी।
मूनकोट की समस्याग्रस्त बस्ती जाजरदेवल, पंडा, सातशिलिंग, चौड़, बडारी, सुनसेरा, दौली, पलेटा, किरमोड़िया, मढमानले, पीपलकटिया, बगौर।
डीडीहाट की समस्याग्रस्त बस्ती अंबेडकर वार्ड, जीआईसी वार्ड, नार्मल वार्ड, शिवमंदिर वार्ड, बुढ़काफल, नारायण नगर, डिग्री कालेज, जीआईसी रोड, मिर्थी बाजार, जौरासी बाजार, चौबाटी, स्लायबे, नाचनी बाजार, ढनार, कोटा, जवाहर चौक, नया बाजार, गणेश चौक, जमुना नगर, भट्टी गांव, त्रिपुरा देवी, डिग्री कालेज, चौकोड़, देवीनगर, राईआगर, बलेड़ा आगर।