फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुमानी के संस्कृत काव्य का विमोचन

विज्ञापन
विज्ञापन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। महाकवि लोकरत्न पंत गुमानी के जन्मदिन पर गोपी मोहन झूसिया की व्याख्यान गोष्ठी के दूसरे दिन गुमानी के संस्कृत काव्य का विमोचन किया गया। गुमानी के पैतृक गांव उप्राड़ा में काव्यपाठ और कविताओं का वाचन किया गया।
विज्ञापन


पहाड़ संस्था नैनीताल और उत्तराखंड विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के सहयोग से हिमालयन ग्राम विकास समिति के सभागार में कार्यक्रम हुआ। प्रयाग जोशी और जुगल किशोर पेटशाली की अध्यक्षता में कमल कुमार पांडे द्वारा लिखे गए गुमानी के संस्कृत काव्य का विमोचन प्रयाग जोशी, भगवान बल्लभ पंत, जगदीश जोशी, डॉ. मोहन आर्या, गिरीश जोशी, गणेश खुकशाल, प्रीतम अपछ्याण, गोविंद सिंह ने किया। डॉ. उमा भट्ट ने कहा कि गुमानी की रचनाओं में अंग्रेजी, उर्दू और फारसी के शब्दों का प्रयाग किया गया है, लेकिन उनकी कुछ रचनाएं बहुत ज्यादा प्रचारित नहीं हो पाई हैं।

गुमानी की संस्कृत में रची राम महिमा रचना में राम की महिमा का वर्णन किया गया है। गुमानी भगवान राम के भक्त थे। संस्कृत भाषा में उनका नाम गुमान्नयन है। उन्होंने अपने काव्य में अपने नाम के आगे पंत शब्द नहीं जोड़ा है। उत्तराखंड की सारी पांडुलिपि को ऐसे ही सम्मेलनों का आयोजन एकत्र करना चाहिए। गोपी मोहन झूसिया स्मारक व्याख्यान में कवि प्रीतम अपछ्याण ने लोक के सिद्धांत पर जानकारी दी।
विज्ञापन


गुमानी के गांव उप्राड़ा में मथुरा दत्त मठपाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक ने गुमानी के लेखन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कवियों ने उनकी रचनाओं का पाठ किया। इस दौरान हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, उप्राड़ा के ग्राम प्रधान मनोज लाल वर्मा, जजुट के प्रधान गिरीश जोशी, डॉ. जेएन पंत, सामाजिक कार्यकर्ता भगवान बल्लभ पंत, कुंतोला के प्रधान गोविंद खाती, पूर्व प्रधान जगदीश भंडारी, शेखर पंत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें