फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भिक्षा दे हो कुटी से माता...

विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़/झूलाघाट। जाख की रामलीला में सीता हरण, बालि वध की लीला का मंचन किया गया। बलुवाकोट की रामलीला में राम-सीता विवाह और कैकेई के कोप भवन में जाने की लीला का मंचन हुआ। झूलाघाट में राम राज्याभिषेक के साथ रामलीला संपन्न हो गई है।
विज्ञापन


जाख की रामलीला में खर-दूषण वध के बाद सूर्पणखा रावण के पास पहुंचकर सारा वाकया बताती है। रावण अपने मामा मारीच से कपट मृग का रूप धारण कर पंचवटी जाने को कहता है। मारीच मृग के वेश में कुटिया के आसपास मंडराता है। सीता भगवान राम से मृग की खाल लाने को कहती हैं। भगवान राम मृग के पीछे जाते हैं। कपट मृग भगवान राम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। सीता भगवान राम को संकट में देख लक्ष्मण को उनकी सहायता के लिए भेजती हैं।

रावण ब्राह्मण के वेश में पंचवटी पहुंचकर कहता है-भिक्षा दे हो कुटी से माता, जोगी द्वारे आया है। सीता भिक्षा देने से कुटी से बाहर आती है, रावण उनका हरण कर लेता है। कुटिया वापस आने पर राम, लक्ष्मण को सीता नहीं मिलती। राम विलाप करते हैं। सीता की खोज करते-करते दोनों भाई शबरी के आश्रम पहुंचते हैं। शबरी के कहने पर भगवान राम सुग्रीव से मित्रता करते हैं। बालि-सुग्रीव की लड़ाई में बालि मारा जाता है।
विज्ञापन


बलुवाकोट की रामलीला में कोपभवन में बैठी कैकेई और दशरथ के बीच संवाद का मंचन किया गया। झूलाघाट की रामलीला में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें