रातीगाड़ में मलबा आने से सड़क गंगा में समाई
- फोटो : अमर उजाला
थल-मुनस्यारी सड़क पर रातीगाड़ के पास भूस्खलन होने से आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पहाड़ी से आवागमन करने को विवश हैं।
क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते रातीगाड़ में लगातार भूस्खलन हो रहा है। बुधवार रात करीब नौ बजे रसियाबगड़ वन पंचायत की पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरे। इसके चलते सड़क का 30 मीटर हिस्सा रामगंगा में समा गया। बृहस्पतिवार को लोनिवि ने जेसीबी से सड़क खोलने का प्रयास किया। भूस्खलन के दौरान गिरे बोल्डर को तोड़ने में जेसीबी को छह घंटे से भी अधिक का समय लगा।
यहां पर चट्टान काटकर सड़क बनाई जानी है, लेकिन मुख्य बाधा पहाड़ी से गिर रहे मलबे को लेकर है। आसपास के ग्रामीणों को दो किमी चढ़ाई के बाद जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से नाचनी पुलिस के आधा दर्जन जवानों की तैनाती की गई है। भूस्खलन और सड़क बहने के चलते बृहस्पतिवार को सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा है।