पिथौरागढ़ में पत्रकारों से बात करते राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा
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राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने प्रस्तावित पंचेश्वर बांध को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बड़े बांधों से परहेज किया जा रहा है और यहां 6000 मेगावाट की बिजली परियोजना बनाने की तैयारी हो रही है। टम्टा ने कहा बांध से 31023 परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जबकि परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में केवल 1308 परिवारों को विस्थापित करने का प्रावधान है।
पत्रकार वार्ता में टम्टा ने कहा पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा जिले पंचेश्वर बांध से प्रभावित हो रहे हैं। पिथौरागढ़ और चंपावत जिला 90 प्रतिशत प्रभावित होगा। 1308 परिवार ऐसे हैं, जिनके मकान और जमीन बांध के दायरे में आ रही है। 29715 परिवारों की जमीन बांध में डूबेगी, लेकिन भारत सरकार केवल 1308 परिवारों को ही विस्थापित करेगी। जिनकी जमीन बांध की भेंट चढ़ जाएगी, उन लोगों को विस्थापित करने की योजना नहीं बनाई गई है। डीपीआर में प्रभावितों को एक साल तक 3000 रुपया प्रतिमाह भत्ता देने और 50000 रुपया मुआवजा देने का प्रावधान है। कहां जमीन मिलेगी, कितनी मिलेगी, इसका डीपीआर में कोई जिक्र नहीं है।
राज्यसभा सदस्य टम्टा ने कहा बांध का निर्माण होने जा रहा है लेकिन विस्थापन के संबंध में पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा जिला प्रशासन से केंद्र और राज्य सरकार चर्चा तक नहीं कर रही है। कहा कि भूमि सुधार एक्ट 2013 के तहत विस्थापन की व्यवस्था होनी चाहिए। जन सुनवाई होनी चाहिए। लोग कहां बसना चाहते हैं, यह पूछा जाना चाहिए। स्थायी रोजगार की व्यवस्था क्या होगी। टम्टा ने कहा वह इस मामले को पुरजोर तरीके से सदन में उठाएंगे। वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी, महेश मखौलिया, राजेंद्र बोरा मौजूद थे।