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आदि कैलाश यात्रा में 26 साल के युवक की मौत: सांस लेने में दिक्कत से बिगड़ी तबीयत, इस सीजन तीन की जान गई

Fri, 30 Oct 2026 12:50 PM IST
Heera शालू दताल

सार

आदि कैलाश यात्रा में 26 वर्षीय यात्री तिलक शर्मा की सांस लेने में दिक्कत से मौत हो गई। हार्ट अटैक की संभावना जताई जा रही है। इस सीजन अब तक तीन यात्रियों की जान गई है। मृतक इंदौर निवासी था।
 
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तिलक शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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आदि कैलाश यात्रा पर आए 26 वर्षीय यात्री तिलक शर्मा की शुक्रवार को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण मौत हो गई। हार्ट अटैक से मौत होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि आदि कैलाश यात्रा के इस सीजन में अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। इन दिनों व्यास घाटी और दारमा घाटी में पहाड़ों की चोटियों पर बर्फ और ठंडी हवाओं के कारण सुबह-शाम काफी ठंड हो रही है। मृतक की पहचान तिलक शर्मा पुत्र श्री मनोज शर्मा (26 वर्ष), निवासी नियर नगर निगम रोड, 24 शटर गली, इंदौर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।

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एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि थाना गुंजी द्वारा सूचना मिली कि गुरुवार को यात्री अपने दोस्तों के साथ आदि कैलाश यात्रा पर आए थे। शुक्रवार को यात्रा के दौरान आदि कैलाश क्षेत्र में उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद उन्हें गुंजी अस्पताल ले जाया गया। उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्यवाही के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। इसके उपरांत मृतक का शव शुक्रवार सुबह छह बजे वाहन द्वारा धारचूला लाया गया, जहां वर्तमान में शव उप चिकित्सालय धारचूला में रखा गया है।

कोतवाल एके सिंह ने बताया कि मृतक के संबंध में आवश्यक पंचायतनामा की कार्यवाही एवं डॉक्टर द्वारा पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूर्ण कराए जाने के उपरांत शव अंतिम सुपुर्दगी हेतु उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुंज्याल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु के कारणों का पता चल पाएगा। मृतक के दोस्त प्रतीक शर्मा ने बताया कि वे लोग कुल सात लोग गुरुवार को आदि कैलाश के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी शाम को तिलक शर्मा को ऑक्सीजन की कमी होने से तबीयत खराब होने लगी। दोस्तों ने अपने साथ लाई ऑक्सीजन किट से ऑक्सीजन दी, लेकिन हालत नहीं सुधरने पर उन्हें उपचार के लिए गुंजी अस्पताल लाया गया।

उन्होंने बताया कि तिलक शर्मा अपने पिता के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर के लिए चांदी की श्रृंगार सामग्री बेचने का कार्य करते थे। वे अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे और अगले साल उनकी शादी होने वाली थी। प्रतीक शर्मा ने बताया कि वे लोग नीब करौली बाबा, जागेश्वर और मुक्तेश्वर के दर्शन करने के बाद नैनीताल घूमने गए थे और उसके बाद आदि कैलाश यात्रा पर आए थे।

 

 

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