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24 हजार घरों के पास शौचालय नहीं

Tue, 10 May 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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शौचालय - फोटो : अमर उजाला
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जिले में 31 मार्च 2018 तक खुले में शौच की प्रथा पूरी तरह बंद करने के लिए स्वजल परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अभी 24,372 घरों में शौचालय नहीं हैं। इस अवधि में इन शौचालयों का निर्माण किया जाना है। स्वजल परियोजना ने आठों विकासखंडों में कार्यशालाएं लगाकर शौचालय निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने का काम शुरू कर दिया है। शौचालयों का निर्माण स्वजल परियोजना की ओर से दिए जाने वाले आर्थिक सहयोग, मनरेगा की मद या फिर कारपोरेट सामाजिक सहभागिता के माध्यम से किया जाएगा।
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जिले की 690 ग्राम पंचायतों में कुल परिवारों की संख्या 104021 है। इनमें से 69649 परिवारों ने अब तक शौचालय तैयार कर लिए हैं। शेष बचे 24,372 परिवारों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वजल के परियोजना प्रबंधक दीप चंद्र पुनेठा ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों को प्रेरित करने के लिए विकासखंड एवं मनरेगा कर्मियों का सहयोग लिया जा रहा है। लोगों को स्वच्छ भारत मिशन की जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम को ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन नाम दिया गया है। परियोजना प्रबंधक ने दावे के साथ कहा कि 31 मार्च 2018 तक लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। साथ ही तत्काल शौचालयों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। 

शहरी इलाकों में लक्ष्य लगभग पूरा
स्वजल परियोजना की ओर से कराए गए सर्वे के अनुसार शहरी इलाकों में अब कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं करता है। लोगों ने निजी तौर पर शौचालय तैयार किए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों का भी निर्माण किया गया है। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में भी जल्दी ही ऐसी ही क्रांति आ जाएगी।
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कार्यशालाओं की तिथियां तय
ग्रामीण स्वच्छता मिशन के लिए कार्यशालाओं की तिथियां तय कर दी गई हैं। 11 मई को मुनस्यारी, 12 को धारचूला, 13 को डीडीहाट, 16 को कनालीछीना, 17 को मूनाकोट और 18 मई को विण विकासखंड के सभागार में यह कार्यशालाएं होंगी। इनमें ग्रामीण स्वच्छता मिशन की रूपरेखा तय कर दी जाएगी।
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