यदि मतदान के दिन या फिर उससे एक-दो दिन पहले मौसम के मिजाज में फिर से बदलाव आता है तो धारचूला तहसील के 22 मतदान केंद्रों तक पोलिंग पार्टियों को पहुंचाने में कठिनाई आ सकती है। इसके अलावा प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों को भी बर्फ वाले इन स्थानों तक प्रचार के लिए जाने में परेशानी हो सकती है। मौसम खराब होने की स्थिति में 22 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर मार्च में भी बर्फ गिरने की संभावना रहती है।
धारचूला के रिटर्निंग अफसर आरके पांडे ने बर्फबारी की आशंका वाले इन मतदान केंद्रों की मुख्य सड़क से दूरी, उसके आसपास स्थित हेलीपैड आदि का पूरा ब्योरा बनाकर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास भेजा है। यह मतदान केंद्र मुख्य सड़क से तीन से 18 किलोमीटर तक की दूरी पर हैं। जिन मतदान केंद्रों में हिमपात की आशंका है, उनमें सोबला, सुमदुम, दर, सुवा, गालागाड़, बुंगबुंग, पांगला, तांकुल, सिर्खा, रूंग, सिर्दांग, कुरीला, सोसा, जयकोट, पांगू, छलमाछिलासूं, हिमखोला, तोमिक, बोना, कनार, धामीगांव और नामिक शामिल हैं। इनमें से कनार का मतदान केंद्र सड़क से सबसे ज्यादा 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसी तरह धामीगांव की दूरी 10 किलोमीटर, सुमदुम की दूरी 10 किलोमीटर, सुवा की दूरी 8 किलोमीटर है।
प्रशासन ने 15 फरवरी को मौसम खराब होने की दशा में इन मतदान केंद्रों तक पोलिंग पार्टियों को पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने का भी फैसला लिया है। विशेष परिस्थिति में यदि हेलीकॉप्टर का उपयोग करने की जरूरत पड़े तो इन मतदान केंद्रों के नजदीक स्थित हेलीपैड का भी सर्वे कर लिया है। शुक्रवार को भी इन इलाकों में हिमपात हुआ है। इस कारण प्रत्याशियों ने फिलहाल इन मतदान केंद्रों में प्रचार के लिए जाने का कार्यक्रम स्थगित कर रखा है।
अभी से पूर्वानुमान संभव नहीं
मौसम विभाग का कहना है कि 15 फरवरी के मौसम के बारे में अभी से पूर्वानुमान लगा पाना संभव नहीं है। मौसम विभाग दस दिन पहले के मौसम की अनुमानित भविष्यवाणी कर लेता है, जबकि सटीक भविष्यवाणी चार दिन पहले ही संभव हो पाती है। पहाड़ों पर मौसम में तब्दीली पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से ही आती है। विक्षोभ जितना ज्यादा मजबूत होगा, बारिश और बर्फबारी की संभावना भी उतनी ही अधिक रहेगी।
माइग्रेशन वाले नौ मतदान केंद्र शिफ्ट
धारचूला विधानसभा क्षेत्र के माइग्रेशन गांवों में नौ मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां इस बार पोलिंग पार्टी नहीं जाएगी। इन गांवों के लोग शीतकालीन प्रवास पर घाटियों में निवास कर रहे हैं। उनके लिए घाटी वाले इलाके में ही मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नागलिंग, बालिग, चस, बोन, गो, गुंजी, कुटी, बूंदी और दांतू मतदान केंद्र शामिल हैं। इन मतदान केंद्रों के मतदाता 15 फरवरी को जौलजीबी, गोघाटीबगड़, फुलतड़ी और धारचूला में बनाए गए मतदान केंद्रों में वोट डालेंगे।