पिथौरागढ़। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी बजट के बेहतर उपयोग का ही परिणाम है कि कुसौली ग्राम पंचायत एक आदर्श गांव नजर आता है।
कुसौली गांव में सोलर लिफ्ट पेयजल योजना है। यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त पंचायत घर है। ग्राम पंचायत के रास्तों में टाइल्स बिछी है। प्राथमिक विद्यालय में भी छात्रों को सुविधाएं दी गईं हैं। विद्यार्थियों के खेलने के लिए झूले, चर्खे लगाए गए हैं।
ग्राम पंचायत को 14वें वित्त और राज्य वित्त मद से करीब साढ़े चार लाख रुपये की धनराशि सालाना मिलती है। ग्राम पंचायत ने इस धनराशि से सुविधाएं जुटाईं और स्वच्छता के क्षेत्र में भी अहम कार्य किए। कामाक्षा मंदिर मार्ग पर आठ हैंगिंग कूड़ेदान लगे हैं। गांव में जैविक और अजैविक कूड़ेदान लगाए गए हैं।
कूड़ेदानों की सफाई व्यवस्था का काम युवक मंगल दल की देखरेख में किया जाता है।
ग्राम पंचायत कुसौली को बेहतर कामों के लिए वर्ष 2012 में निर्मल पुरस्कार मिला। वर्ष 2018 में राज्य स्वच्छता गौरव पुरस्कार, वर्ष 2018 में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत का पुरस्कार मिल चुका है। वर्ष 2015 में यह ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो गई थी।
अपने खर्च से स्कूल को दिया कंप्यूटर, पंखे, प्यूरीफायर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुसौली के विद्यार्थी कंप्यूटर का ज्ञान हासिल करते हैं। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह ने अपने निजी खर्च से विद्यालय को कंप्यूटर, दो पंखे और एक वाटर प्यूरीफायर दिया है। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह ने बताया कि उत्कृष्ट कार्यों के लिए ग्राम पंचायत का नाम दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड के लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार को भेजा है।