पिथौरागढ़। दिव्य जागृति संस्थान मढ़ सिलौली में सात दिनी विलक्षण शिव कथा में बुधवार को मां सती की कथा की महत्ता बताई गई। आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी लोकेशा भारती ने बताया कि मां सती ने अज्ञानतावश भगवान भोलेनाथ की आज्ञाओं का उल्लंघन कर उन्हें अप्रसन्न करने का काम किया।
कहा कि माता सती ने प्रभु राम को साधारण मनुष्य मानकर उनकी परीक्षा लेकर भगवान शंकर की आज्ञा का उल्लंघन किया। वह बगैर निमंत्रण दक्ष के यज्ञ में चली गईं, जिसके फलस्वरूप वे स्वयं का ही दहन कर बैठी। कहा कि सती प्रतीक है, मानव का और महादेव का, जब एक मनुष्य अध्यात्म्य के मार्ग पर चलते हुए अपनी बुद्धि का प्रयोग करता है और बिना गुरु के ईश्वर को प्राप्त करने का प्रयास करता है तो उसको परिणामस्वरूप जन्म-मरण के चक्र में फंसना पड़ता है।
इसलिए जीवन में पूर्ण गुरु धारण करना अति आवश्यक है। साध्वी कात्यायनी भारती, मंदाकिनी भारती, अवनी भारती ने महादेव के भजनों का गायन किया। संस्थान की संयोजिका भक्तिप्रभा भारती ने सभी का आभार जताया।