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भूकंप, आपदा के समय विद्यालय भवनों की सुरक्षा की जानकारी दी

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पालीटेक्निक की चहारदीवारी साल 2013 में आई दैवी में बह गई - फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दो दिवसीय विद्यालय की गैर संरचनात्मक सुरक्षा कार्यशाला के पहले दिन शिक्षकों, शिक्षाधिकारियों को विद्यालय भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्यालय सुरक्षा के साथ ही भूकंप, आपदा के समय विद्यालय को किस प्रकार से कम से कम नुकसान हो, उसकी जानकारी दी गई।
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डीएम सी रविशंकर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। कहा कि भूकंप की दृष्टि से जोन 2, 3, 4, 5 बनाए गए हैं। सबसे संवेदनशील जोन पांच होता है। पिथौरागढ़ जिला जोन पांच में आता है। इसलिए हमेशा मन में एक भय, आशंका रहती है। हम हमेशा सुरक्षा के लिए तैयार रहते हैं। कहा कि कुछ ऐसी छोटी घटनाएं होती हैं, जिनको अनदेखा किया जाता है, मगर उससे काफी नुकसान होता है। विद्यालय की गैर संरचनात्मक सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। विद्यालय में विभिन्न प्रयोगशालाएं, जिसमें कई रसायन होते हैं। विद्यालय के फर्नीचर के कारण भी भूकंप के समय जनहानि हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि कार्यशाला में शामिल शिक्षक, प्रतिनिधियों को भलीभांति प्रशिक्षण लेना होगा, ताकि वह लोग विद्यालय में अन्य लोगों को प्रशिक्षण दे सकें। कार्यशाला में गैर संरचनात्मक सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था जियो हैजार्ड से आए विषय विशेषज्ञ हरि कुमार ने प्रशिक्षण दिया। कहा कि प्रत्येक विद्यालय को सुरक्षा योजना तैयार करनी होगी। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने भी प्रशिक्षण दिया। एसडीएस देव सिंह राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक पंत ने संचालन किया।
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