गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। अल्मोड़ा और बागेश्वर की सीमा से सटे सेराघाट के गंगा घाट पर गंदगी का अंबार लगा है। शवदाह करने के बाद लकड़ी आदि को वैसे हो छोड़ दिया जा रहा है, उसका निस्तारण नहीं किया जा रहा है। नदी में गंदगी व्याप्त होने से स्थानीय लोगों में रोष है।
सेराघाट के सरयू घाट पर न केवल क्षेत्र बल्कि अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के सीमावर्ती लोग भी शवदाह के लिए आते हैं। शवों को जलाने के बाद कपड़े, जली लकड़ियां वैसी ही छोड़ दी जा रही हैं। नदी तट शवदाह की लकड़ियों, कपड़ों आदि से पटा है। इससे नदी का जल भी प्रदूषित हो रहा है। धार्मिक कार्य के लिए गंगा घाट पर आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सेरा उर्फ बडोली के प्रधान मोहन चंद्र जोशी ने दाह संस्कार के लिए शव लाने वाले लोगों से शवदाह के बाद नदी तट की सफाई करने की अपील की है। कहा है कि गंगा तट पर गंदगी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। लोग गंगा के जल को पीने के उपयोग में लाते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।