पिथौरागढ़/झूलाघाट/अस्कोट/डीडीहाट। जाख की रामलीला में राम-सीता विवाह, कैकेई के कोप भवन में जाने की लीला का मंचन हुआ। बांस की रामलीला में अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, मोस्टामानू, झूलाघाट की रामलीला में लंका दहन और डीडीहाट की रामलीला में बालि वध की लीला का मंचन किया गया। अस्कोट की रामलीला राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हो गई है।
जाख की रामलीला में राम-सीता विवाह के बाद राम राज्याभिषेक की तैयारी के बीच दासी मंथरा कैकेई को भरत को राजगद्दी दिलाने के लिए कहती है। कैकेई कहती हैं-आली बता काहे को तेरो मन, सखी री बता काहे को तेरे मन रामभिषेक न भावत है। मंथरा कई प्रकार से कैकेई के कान भरती है। इस पर रानी कैकेई कोप भवन में जा बैठती है। राजा दशरथ कैकेई को समझाने का प्रयत्न करते हैं, लेकिन कैकेई नहीं मानती। राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी का वर मांगने पर राजा दशरथ व्यथित हो जाते हैं।
बांस की रामलीला में मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान 90 वर्षीय बसंती देवी, विशिष्ट अतिथि नंदन सिंह लुंठी थे। नंदन सिंह लुंठी ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत की ओर से मंच निर्माण के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की। मोस्टामानू की रामलीला में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अजय जोशी, विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, खंड विकास अधिकारी श्याम चंद थे।
झूलाघाट की रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश गढ़कोटी थे। डीडीहाट की रामलीला में बालि-सुग्रीव की लड़ाई, बालि वध से विभीषण का राम की शरण में जाने तक की लीला हुई।
अब्दुल को मिली वाशिंग मशीन
अस्कोट। रामलीला के समापन पर लकी-ड्रा निकाला गया। पहला पुरस्कार वाशिंग मशीन अस्कोट के अब्दुल आरिफ के नाम निकली। दूसरा पुरस्कार स्मार्ट फोन अस्कोट की पूजा पंत के नाम पर निकला। तीसरा पुरस्कार होम थियेटर अस्कोट की रानू कुंवर, चौथा पुरस्कार साइकिल असम की मनष्वी बोडो को मिली। 10 लोगों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम की विजेता राजकीय इंटर कॉलेज की नीलम कुंवर रहीं। चिल्ड्रेन पैराडाइज स्कूल की अवनी पाल दूसरे स्थान पर रहीं। मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, विशिष्ट अतिथि सरपंच आनंद बल्लभ ओझा ने पुरस्कार बांटे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष होशियार सिंह पाल ने सभी का आभार जताया।