पिथौरागढ़। मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने वित्तीय वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी कार्य पूर्ण न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि 31 दिसंबर तक धनराशि व्यय नहीं की गई तो संबंधित अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन सभागार में बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी), विधायक निधि, ग्राम्य विकास की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कई विभाग काफी धीमी गति से कार्य कर रहे हैं, इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान सामने आया कि बीएडीपी मद की 1.27 करोड़ की धनराशि अवशेष पड़ी है।
इसके अलावा विकासखंड धारचूला ने 48 लाख, कनालीछीना ने 66 लाख, मूनाकोट ने 40 लाख, जिला पंचायत ने 56 लाख, ग्रामीण निर्माण विभाग डीडीहाट ने 41 लाख, स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ की धनराशि व्यय नहीं की है। विकासखंड मुनस्यारी में 38.41 लाख के 8 कार्य और विकासखंड धारचूला में 10 लाख लागत के 4 कार्य अवशेष हैं। सीडीओ ने कहा छोटे-छोटे कार्यों को भी पूरा न करना अच्छी कार्यप्रणाली नहीं है।
सीडीओ ने कहा स्वास्थ्य विभाग ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की धनराशि को व्यय नहीं किया है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को तहसील मुख्यालय के अस्पताल तक लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उक्त धनराशि से आशा कार्यकर्ताओं को तकनीकी और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए। सीडीओ ने कहा ग्रामीण निर्माण विभाग की कार्य करने की गति काफी धीमी है। यदि विभाग काम करने में सक्षम नहीं है, तो लिखित रूप में अवगत कराए, ताकि अन्य विभागों को काम सौंपा जा सके।
धारचूला के स्यांकुरी और नपलच्यू में कराए जा रहे स्ट्रीट लाइट के कामों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश उरेडा के अधिकारियों को दिए। एसएसबी, आईटीबीपी के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि काम पूरा होने के बाद जो भी धनराशि बची है, उसे शीघ्र लौटाना सुनिश्चित करें। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए डीडी पंत, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य उद्यान अधिकारी मीनाक्षी जोशी, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पंकज जोशी आदि अधिकारी मौजूद थे।