अस्कोट (पिथौरागढ़)। जमतड़ी से अस्कोट के लिए बन रहे दो किलोमीटर मार्ग से स्थानीय महिला द्वारा किया गया अतिक्रमण आखिरकार हटा दिया गया। अतिक्रमण के कारण सड़क का काम रुका था। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण नहीं हटा तो वह आत्मदाह करेंगे। आत्मदाह के लिए 13 अक्तूबर की तिथि घोषित कर दी थी। इसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाया। प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट होकर ग्रामीणों ने आत्मदाह का फैसला वापस ले लिया है।
बताया गया कि अस्कोट से जमतड़ी के लिए पचास लाख रुपये की लागत से बन रही 2 किलोमीटर सड़क पर एक महिला ने अवैध कब्जा कर लिया था। इस कारण कई गांव सड़क सुविधा से वंचित रह गए थे। कई बार समझाने पर भी महिला के अतिक्रमण नहीं हटाने से परेशान ग्रामीणों ने आत्मदाह की धमकी दी थी। शुक्रवार को भारी पुलिस बल के साथ गई लोनिवि की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
थानाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ खान, एएसआई संजय सिंह, राजस्व उप निरीक्षक मीना जोशी, महिला कांस्टेबल प्रेमा मेहता, दीपा, प्रियंका देवी, सिपाही बलवंत कुमार, लोनिवि के सहायक अभियंता नीरज कुमार आदि ने सड़क की नाप-जोख करके अतिक्रमण हटाया। इस दौरान रसगाड़ी की प्रधान उमा बिष्ट, पूर्व प्रधान तारा सिंह बिष्ट, जमन सिंह, त्रिलोक सिंह, आन सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बहादुर सिंह आदि मौजूद थे। अतिक्रमण हटने के बाद अब सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।