पिथौरागढ़। सीमांत जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जनपद के टीवी क्लीनिक सहित चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक्सरे तकनीशियनों की कमी से जूझ रहे हैं। इस कारण मरीजों को एक्सरे के लिए 60 से 100 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।
पिथौरागढ़ जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा है। जिला अस्पताल को छोड़कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। यहां तक कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे तकनीशियन तक तैनात नहीं किए गए हैं। जिले में जिला अस्पताल और टीबी अस्पताल में एक-एक एक्सरे तकनीशियन कार्यरत है, जबकि टीबी क्लीनिक पिथौरागढ़, सीएचसी गंगोलीहाट, सीएचसी डीडीहाट, सीएचसी धारचूला और सीएचसी मुनस्यारी में लैब तकनीशियनों के पद रिक्त चल रहे हैं।
तकनीशियन नहीं होने से इन अस्पतालों में रखी गई लाखों की लागत वाली एक्सरे मशीनें धूल फांक रही हैं, जबकि इन क्षेत्रों के मरीजों या फिर दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को जांच के लिए आपात स्थिति में जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ऐसे में धन और समय दोनों की बर्बादी होती है। सरकारों के नुमाइंदे सीमांत जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे तो करते रहते हैं, लेकिन मौजूदा स्वास्थ्य सेवाएं इन दावों की पोल खोलने की लिए काफी हैं।
अस्पतालों में एक्सरे तकनीशियन के पद रिक्त होने की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दी गई है। लैब तकनीशियन मिलते ही इन अस्पतालों में तैनाती की जाएगी। -डॉ.ऊषा गुंज्याल, सीएमओ, पिथौरागढ़