पिथौरागढ़। गंगोलीहाट तहसील के एक छोटे से गांव जजुट के डॉ. हरीश चंद्र पंत भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफीसर बन गए हैं। तीन दशक पहले रोजगार की तलाश में हरीश के पिता निर्मल चंद्र पंत रामनगर निकल गए थे। पिता का यह संघर्ष बेटे को सेना में अफसर बनाने में काफी मददगार साबित हुआ है।
बीते 21 मार्च को पूणे (महाराष्ट्र) में हुए पासआउट परेड में पिता निर्मल पंत, माता प्रेमा पंत ने डॉ. हरीश को बैज लगाया। डॉ. हरीश ने एक अप्रैल को एयर फोर्स मेडिकल हास्पिटल बंगलूरू में बतौर मेडिकल आफीसर पदभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. हरीश के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पासिंग आउट परेड में उन्हें डीजी एयरफोर्स गोल्ड मेडल समेत सात स्वर्ण पदक हासिल किए। उन्हें एकेडमिक एक्सीलेंस ट्राफी से नवाजा गया। आर्मी मेडिकल कालेज पूना के होनहार विद्यार्थी हरीश महाराष्ट्र के 45 मेडिकल कालेजों के टॉपर रहे हैं। डॉ. हरीश ने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई डॉ. सुनील पंत और माता-पिता को दिया है। डॉ. हरीश पंत की उपलब्धि पर जजुट गांव के साथ ही गंगोलीहाट क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जजुट के ग्राम प्रधान गिरीश जोशी ने कहा है कि हरीश ने अपने कुल के साथ ही जजुट, गंगोलीहाट और राज्य का नाम रोशन किया है।