पिथौरागढ़। सीमांत के लोगों का मछली पालन रोजगार का जरिया बनेगा। इस बार जिला योजना के तहत मछली पालन के लिए 1.17 करोड़ रुपये का बजट मिला है। विभाग ने अब तक 200 लोगों को योजना से जोड़ा है।
मत्स्य विभाग के मुताबिक जिले में मछली पालन की अपार संभावनाएं हैं और यह लोगों की रोजगार का जरिया बन रहा है। कनालीछीना के डुंगरी गांव में मछली का उत्पादन किया जा रहा है। 20 से अधिक परिवार मछली उत्पादन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा मुनस्यारी, धारचूला, बेड़ीनाग में भी लोग मछली उत्पादन से आजीविका चला रहे हैं।
जिले में पिछले सालों में एक हजार से अधिक लोगों को मछली पालन से जोड़ा गया है। इस वित्तीय वर्ष भी मछली पालन से स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभाग को 1.17 करोड़ रुपये मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह योजना लोगों को खूब भा रही है। यही कारण है कि अब तक 200 लोगों को योजना से जोड़ा गया है। जल्द ही सभी लोग मछली पालन शुरू कर स्वरोजगार की तरफ कदम बढ़ाएंगे। संवाद
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चारा खरीदने के लिए मिलेगी 50 प्रतिशत की सब्सिडी
पिथौरागढ़। जिला योजना के तहत लोगों को मछली पालन से जोड़ने के लिए तालाब, पानी की व्यवस्था होगी। वहीं मछली पालकों को विभाग चारे में 50 फीसदी की सब्सिडी देगा।
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कोट- मछली पालन से लोगों को जोड़ने के लिए जिला योजना से बजट मिला है। काम शुरू कर दिया है। जल्द लोग मछली पालन शुरू करेंगे।
डाॅ. रमेश चलाल, सहायक मत्स्य निदेशक, पिथौरागढ़।