कैलाश मानसरोवर यात्रा पड़ावों पर इस बार कुमाऊं मंडल विकास निगम के 200 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उच्च हिमालयी क्षेत्र के पड़ावों पर तैनात होने वाले कर्मचारियों का पांच लाख रुपये का बीमा होगा। ज्यादा ऊंचाई वाले पड़ावों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाते समय इस बात का ध्यान दिया जाएगा कि कर्मचारी स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट हो। कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार आठ जून को दिल्ली से शुरू होने वाली है। यात्रियों को पहले काठगोदाम स्थित पर्यटक आवासगृह में लाया जाएगा। वहां से यात्री अल्मोड़ा होलीडे होम पहुंचेंगे। अल्मोड़ा से चलने के बाद यात्रियों को चौकोड़ी या डीडीहाट में दोपहर भोजन के लिए रोका जाएगा।
केएमवीएन की ओर से तय शेड्यूल के मुताबिक आधार शिविर इस बार भी धारचूला में रहेगा। वहां पर कर्मचारियों की संख्या कम से कम आठ रहेगी। उससे आगे गाला, बूंदी, गुंजी, नाभीढांग में पड़ाव होंगे। गुंजी पड़ाव पर यात्रियों को मेडिकल परीक्षण के लिए एक दिन रुकना पड़ता है। इसलिए वहां भी कर्मचारियों की संख्या 10 तक की जाएगी। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि कर्मचारियों को मई के अंत तक पड़ावों पर भेज दिया जाएगा। कर्मचारियों को वेतन के अलावा ड्यूटी के दौरान का अतिरिक्त भत्ता, आने-जाने का खर्च दिया जाता है। कोशिश यह की जाएगी कि स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट कर्मचारियों को ही उच्च हिमालयी क्षेत्र के पड़ावों पर तैनात किया जाए। पड़ावों पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को जून से सितंबर के अंत तक ड्यूटी देनी होगी। अंतिम यात्री दल के लौटने के बाद ही पड़ावों को बंद किया जाता है।
स्वेच्छा से भी ड्यूटी मांगते हैं कर्मचारी
उच्च हिमालयी क्षेत्र के पड़ावों पर तैनात होने के लिए कुछ कर्मचारी स्वेच्छा से ड्यूटी मांगते हैं। आमतौर पर उच्च हिमालयी क्षेत्र के दुर्गम पड़ावों पर तैनाती से बचने के लिए कर्मचारी बहाना ढूंढते हैं, लेकिन केएमवीएन में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो लगातार दूरस्थ पड़ावों पर ड्यूटी देते आ रहे हैं। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि 55 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को हाइरिस्क वाले पड़ावों पर ड्यूटी नहीं दी जाती।
कर्मचारियों को मिलनी चाहिए ज्यादा सुविधा
कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा है कि यात्रा पड़ावों पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को ज्यादा सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने बीमा की राशि दस लाख करने के साथ ही ड्यूटी देने वाले हर कर्मचारी को यात्रा संपन्न होने के बाद पुरस्कृत किया जाए, ताकि उनका मनोबल बना रहे। उन्होंने कहा कि निगम इस मांग को वर्षों से उठा रहा है।