कनालीछीना बहुउद्देशीय शिविर में लोगों की समस्या सुनते डीएम तथा अन्य अधिकारी
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कनालीछीना में लगे बहुउद्देशीय शिविर में बस्तड़ी के आपदा प्रभावित 8 परिवारों को मकान बनाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए के चेक दिए गए। जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने 84.82 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी लीमाटौड़ा तक सड़क नहीं बनने की जांच डीडीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी है।
विकासखंड सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लगे शिविर में लोगों ने सांगड़ी से लीमाटौड़ा तक सड़क निर्माण के नाम पर की गई धांधली का मामला उठाया। कहा कि सड़क का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है। सड़क निर्माण में मानकों का कतई पालन नहीं किया गया है। डीएम ने डीडीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट मनुज गोयल को सड़क की जांच करने के आदेश दिए। कहा कि इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत कराने के निर्देश पेयजल महकमों को दिए।
आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा नहीं मिलने के मामले में डीएम ने कनालीछीना और डीडीहाट के तहसीलदारों को एक महीने के भीतर भवनों को चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ देने, राशनकार्ड से वंचित लोगों को एक महीने के भीतर राशनकार्ड उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
शिविर में 14 बालिकाओं को नंदा देवी कन्याधन योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की एफडी और 500 रुपए की धनराशि की पासबुक वितरित की। शिविर में 23 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए। आधारकार्ड, आय, जाति प्रमाण पत्र बनाए गए। राशन कार्डों का सत्यापन भी किया गया। सरकारी महकमों ने स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी, सीडीओ आशीष चौहान, एडीएम मोहम्मद नासिर, संयुक्त मजिस्ट्रेट मनुज गोयल, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।