पिथौरागढ़। गोलगप्पे बेचकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले दिनेश चंद्र ओली के बेटे विजय ओली ने आईआईटी जाम (ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर एमएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 62वीं रैंक हासिल की है। विजय की इस उपलब्धि से उसके परिवार और परिजनों में खुशी है। विजय की तमन्ना अच्छा वैज्ञानिक बनने की है।
विजय ने दयासागर इंटर कॉलेज से 81 प्रतिशत अंकों के साथ हाईस्कूल और 82 फीसदी अंक लाकर इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से 2018 में 70 फीसदी अंकों के साथ बीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की।
मूल रूप से चंपावत जिले के गरसाड़ी गांव निवासी विजय के पिता 1998 में रोजगार की तलाश में पिथौरागढ़ पहुंचे। उन्होंने कई वर्षों तक दुकान में काम किया। उसके बाद टकाना रोड पर राजा होटल के पास गोलगप्पे की ठेली लगाई। विजय ने बताया कि 11 से 24 अप्रैल तक ऑनलाइन काउंसलिंग होनी है। उन्हें उम्मीद है कि काउंसलिंग में आईआईटी दिल्ली या कानपुर से एमएससी करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई करते हैं। विजय ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने पिता, मां निर्मला ओली को दिया है।
इंस्पायर स्कालरशिप से बना हौसला
पिथौरागढ़। आईआईटी जाम की परीक्षा में 62वीं रैंक हासिल करने वाले विजय ओली ने बताया कि इंटर की परीक्षा में 82 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करने पर उसे आगे की पढ़ाई के लिए इंस्पायर स्कॉलरशिप मिली। स्कॉलरशिप में 60 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं। इसी स्कॉलरशिप के सहारे उन्होंने बीएससी की पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कहा कि यदि स्कॉलरशिप नहीं मिलती तो संभवत वह आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते।