पिथौरागढ़। पांच लाख की आबादी वाले सीमांत जिले में नवजातों के लिए स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनबीसीयू) नहीं है। इस कारण कमजोर, हार्ट की समस्या या अन्य बीमारी से ग्रस्त शिशुओं को हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है।
पिथौरागढ़ जिले में नवजात शिशुओं की केयर के नाम पर यूनिट तो बनाई गई है, लेकिन इस यूनिट में नवजात को केवल ठंड से बचाने के लिए कुछ हीटर लगाए गए हैं। अन्य तरह के उपचार के लिए कोई स्पेशल केयर यूनिट नहीं है। जिला अस्पताल में हर माह 125 से 300 शिशु जन्म लेते हैं। इनमें से लगभग 30 प्रतिशत शिशुओं में संक्रमण या अन्य तरह की बीमारी होती है। कई शिशु कम वजन के भी होते हैं। ऐसे शिशुओं को स्टेबल करने के लिए स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट की जरूरत होती है।
यहां पर इस तरह की सुविधा नहीं होने से ऐसे नवजातों को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार कुमाऊं में एकमात्र इसी अस्पताल में बच्चों की स्पेशल केयर यूनिट है। जिला महिला अस्पताल पिथौरागढ़ के सीएमएस और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.जेएस नबियाल ने बताया कि स्पेशल केयर यूनिट होने पर नवजातों को उस यूनिट में सघन चिकित्सा निगरानी में रखा जाता है। पिथौरागढ़ में ऐसी सुविधा नहीं है।