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रुपस्याबगड़ खसियाबाड़ा परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरित करने की मांग

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पिथौरागढ़। केएमवीएन के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रुद्र सिंह पंडा ने मुनस्यारी में प्रस्तावित रुपस्याबगड़-खसियाबाड़ा जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरित करने की मांग की। देहरादून में सीएम से मिले पंडा ने बताया कि नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) ने वर्ष 2007-08 में पावर प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया था। इस काम में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे।
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आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के कुछ लोगों ने झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर वन भूमि हस्तांतरण पर अड़ंगा लगा दिया था। इन लोगों ने सफेद भालू, कस्तूरा मृग जैसे दुर्लभ प्राणियों के लिए खतरा होने के झूठे तथ्य सरकार के सामने प्रस्तुत किए थे। मुनस्यारी में न तो सफेद भालू पाया पाया जाता है और न कस्तूरा मृग। कस्तूरा मृग उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है।

पंडा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से किसी प्रकार का पर्यावरणीय खतरा भी नहीं है। परियोजना से 261 मेगावाट बिजली देश को मिलती और क्षेत्र का विकास होता। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रोजेक्ट के लिए 170 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने की मांग की। पंडा ने बताया कि वह इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी रखेंगे। बांध निर्माण की पूरी कोशिश की जाएगी।
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