अस्कोट (पिथौरागढ़)। पिरूल से बिजली उत्पादन के लिए क्षेत्र के ग्रामीण आगे आए हैं। करीब आधा दर्जन वन पंचायतों के सरपंचों ने वन विभाग को पिरूल से बिजली उत्पादन करने की मांग उठाई है।
वन पंचायत खोलिया गांव, देवल, हिमकोट, हेल्पिया, धौलाकोट के सरपंचों ने वन विभाग को ज्ञापन सौंप कहा है कि उनके क्षेत्र में 90 प्रतिशत चीड़ के जंगल हैं। वह अपनी वन पंचायतों में पिरूल से बिजली उत्पादन करना चाहते हैं। वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि डेढ़ बीघा जमीन पर पिरूल से बिजली बनाने का संयंत्र लगाया जा सकता है। 25 लाख रुपये में प्लांट तैयार हो जाता है। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से 15 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इसमें वर्षभर बिजली उत्पादन किया जा सकता है।
इसके लिए वन विभाग और उरेडा वन पंचायतों का सहयोग करेगा। खोलिया गांव के सरपंच आन सिंह पाल, धौलाकोट के जगत मुनौला, हेल्पिया के आनंद बल्लभ ओझा ने कहा कि वह लोग पिरूल से बिजली उत्पादन को तैयार हैं। इसके लिए वन पंचायत कोष से भी सहयोग लिया जा सकता है। क्षेत्र में चीड़ की बहुतायत को देखते हुए इसके सफल होने की पूरी संभावना है।