पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा में मौसम बाधक बन गया है। नजंग और लखनपुर में रास्ता ध्वस्त होने से यात्रियों को हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुंचाने का निर्णय लिया गया। यात्रियों की राह को आसान करने के लिए वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए गए। अब छियालेख और गर्ब्यांग में छाए घने कोहरे ने हेलीकॉप्टरों की उड़ान को बाधित कर दिया है, इसके चलते कुमाऊं मंडल विकास निगम ने 12वें यात्री दल को फिलहाल स्थगित करने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा।
मानसरोवर यात्रा का पहला दल 13 जून को आधार शिविर धारचूला पहुंचा। दल ने तय समय पर यात्रा पूरी कर ली। इसके बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नजंग और लखनपुर में रास्ता पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस पर यात्रियों को हेलीकॉप्टर सुविधा मुहैया कराई गई। दूसरे, तीसरे और चौथे दल के यात्री भी आसानी से गुंजी पहुंच गए, लेकिन पांचवें दल के कुछ यात्रियों को पांच दिन तक पिथौरागढ़ में मौसम खुलने का इंतजार करना पड़ा। अब तक की यात्रा में सबसे अधिक मुसीबत पांचवें दल ने ही झेली हैं। पांचवें दल के यात्री कैलाश की परिक्रमा पूरी कर पिछले सात दिनों से गुंजी में फंसे हैं। छठा दल भी गुंजी में ही हैं। एकमात्र सातवां दल ही अभी परिक्रमा पर है।
9वें दल के यात्रियों को आउट ऑफ रूट चौकोड़ी में रोका गया है। दसवां दल अल्मोड़ा में हैं। 11वें दल का शेड्यूल तय हो गया है। मौसम खराब होने और यात्रियों की उड़ान बाधित होने से अब केएमवीएन की भी चिंता बढ़ गई है। दो-तीन बैच के यात्रियों को ठहराने और भोजन की व्यवस्था करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए निगम ने विदेश मंत्रालय को फिलहाल 12वें दल की यात्रा को स्थगित करने का पत्र लिखा है।
केएमवीएन के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यदि मौसम ठीक होता तो कोई दिक्कत नहीं थी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में घने कोहरे के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। यात्रियों को मार्ग पर किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए दल को फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया गया है।