पिथौरागढ़। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में 1994 के राज्य आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को दो-दो विशेष वेेतन वृद्धि देने की मांग उठाई गई। राज्य आंदोलन के समय आम जनता के साथ कई कर्मचारी भी आंदोलन में कूदे थे, लेकिन अब तक ऐसे आंदोलनकारी कर्मचारियों को कोई सुविधा नहीं मिली है।
संगठन जिलाध्यक्ष केसी पंत की अध्यक्षता और मंत्री डीसी उपाध्याय के संचालन में हुई बैठक में कहा गया कि 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों के लिए उपार्जित अवकाश 300 के बजाय 500 दिन किए जाएं, पदोन्नति के समय पहले की तरह शिथिलता बरती जाए, महिला कर्मचारियों को 50 वर्ष के बाद स्थानांतरण में छूट दी जाए, जो कर्मचारी पहले से ही अपनी सुविधा के अनुसार दुर्गम और अति दुर्गम में काम कर रहा है उसे न हटाया जाए और उसके बदले कर्मचारी को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए।
बैठक में मिनिस्टीरियल संवर्ग के वरिष्ठ और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का वेतनमान केंद्र के समान करने, तकनीकी विभागों में आहरण-वितरण का अधिकार मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को देने, फील्ड कर्मचारियों और दुर्गम में तैनात कर्मचारियों को मोबाइल एप से हाजिरी लगाने की बाध्यता में छूट देने, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान सातवें वेतनमान में भत्ते देने, संविदा कर्मचारियों को काम के अनुसार वेतन देने और विभागों के एकीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की गई। बैठक में ज्योति पांडे, केएस राणा, कवींद्र चौहान, रमा पंत, कृपाल सिंह मेहता, तारा दत्त पंत आदि थे।