पिथौरागढ़। हल्पाटी गौड़ियागांव वन पंचायत को चंडिका मंदिर को अर्पित कर दिया है। जंगल में मौजूद बांज के पेड़ों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। पांच वर्ष तक यह जंगल देवी को अर्पित रहेगा।
गांव के लोगों की बैठक में कहा गया कि आसपास के गांव के लोग जंगल को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि यह क्रम लगातार जारी रहा तो जंगल समाप्त हो जाएगा। सरपंच शमशेर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि जंगल को सुरक्षा के लिए चंडिका मंदिर अर्पित कर दिया जाए।
इससे पहले भी जिले में कई जंगलों को सुरक्षा के लिए देवी, देवताओं को अर्पित किया जा चुका है। देवी, देवताओं को अर्पित जंगलों का कटान बंद हो जाता है और जंगल सुरक्षित रहते हैं। लोगों का विश्वास है कि देवी को अर्पित जंगल को यदि किसी ने नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो देवी उसे दंडित करती है। बैठक में त्रिलोक सिंह, भीम सिंह, पुष्कर सिंह, भूपेंद्र सिंह, गणेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, मिलाप सिंह, गोविंद सिंह आदि उपस्थित थे।