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19 साल बीत गए, कई सरकारें आईं और गईं, मगर चार किमी सड़क पर नहीं हो सका डामर

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प्रदर्शन करते लेजम के लोग। - फोटो : AMAR UJALA
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संवाद न्यूज एजेंसी, थल (पिथौरागढ़)। थल क्षेत्र की सबसे पुरानी सड़क थल-लेजम मोटर मार्ग पर 19 साल बाद भी डामर नहीं हुआ है। इससे नाराज क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। थल-लेजम सड़क वर्ष 1999 में मायावती सरकार में स्वीकृत हुई थी। मात्र चार किमी लंबी इस सड़क को 19 साल होने के बाद भी डामर नहीं हुआ है। इस सड़क पर अभी भी कई कार्य अपूर्ण हैं। नालियों का निर्माण नहीं होने, सुरक्षा दीवार नहीं बनने से सड़क जहां जीर्ण शीर्ण हालत में पहुंच चुकी हैं, वहीं बरसात में सड़क जगह जगह टूट कर बंद हो जाती है। कीचड़ के कारण सड़क पर चलना दूभर हो जाता है। पांच साल पूर्व सड़क की हालत देखकर लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने ग्रामीणों को एक माह के भीतर डामरीकरण करने का आश्वासन दिया था। डेढ़ साल पूर्व थल में प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने भी जनता दरबार में मामला उठने पर विभाग को पंद्रह दिनों के भीतर सड़क पर डामर करने का आदेश दिया था। दोनों आदेश ठंडे बस्ते में हैं। डामर नहीं होने से गोल, कमद, आमथल, गड़ेरा, लेजम, खितौली, चामी,भनारकोट तथा कौली गाँव के लोगों को सड़क से आवागमन में दिक्कतें होती हैं। बरसात से पहले सड़क सुधार के प्रयास नहीं होने से नाराज लेजमवासियों ने प्रदर्शन किया। लेजम गांव के पूर्व प्रधान विनोद पंत के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में रवि खाती, शमशेर सिंह, रामलाल, बहादुर राम, बिनोद सिंह,जगदीश सिंह, दीपक सिंह, गोलू, दिनेश, हरीश आदि शामिल थे।
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