पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा का तीसरा दल शुक्रवार को हेलीकाप्टर से गुंजी पहुंच गया है। यात्रियों को सुबह छह बजे नैनीसैनी से गुंजी के लिए एयर लिफ्ट किया गया। यात्रा का पहला दल दार्चिन पहुंच गया है। दूसरा दल के यात्री गुंजी से नाभीढांग पहुंच गए हैं। दूसरे दल में शामिल 57 यात्रियों में से एक मेडिकल जांच में फिट नहीं पाया गया। इसके चलते चिकित्सकों ने उसे वापस भेज दिया है।
आईटीबीपी कंट्रोल रूम मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश यात्रा का पहला 58 सदस्यीय दल शुक्रवार को तकलाकोट से दार्चिन पहुंच गया है। यात्री शनिवार को डेरापुक के लिए रवाना होंगे। दूसरे दल के यात्रियों का बीती रात आईटीबीपी चिकित्सकों की टीम ने गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें एक यात्री हेमंत वर्मा (46) निवासी इंदौर, मध्यप्रदेश को हाइपरटेंशन के चलते आगे यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें गुंजी से हेलीकाप्टर के जरिए पिथौरागढ़ लाया गया। यात्री को केएमवीएन के पर्यटक आवास गृह में रखा गया है। दूसरे दल के 56 यात्री आईटीबीपी कमांडो दस्ते और चिकित्सकीय टीम के साथ नाभीढांग पहुंच गए हैं। तीसरे दल के सभी यात्री हेलीकाप्टर से शुक्रवार को गुंजी पहुंच गए हैं। शनिवार को यात्री नाभी गांव में विश्राम करेंगे। रविवार को वापसी में गुुंजी आने के बाद यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
दूसरे दल के एक सदस्य को हाइपरटेंशन के चलते वापस भेजा
पहले दल के यात्री दार्चिन में
मानसरोवर वाटिका में रोपा पौधा
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल के सदस्यों ने कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी की पहल पर मानसरोवर वाटिका में एक पौधा धरती के नाम लगाया। बाद में उन्होंने शहीद स्मारक पर एक दीया शहीदों के नाम प्रज्ज्वलित किया। गुंजी रवाना होने से पूर्व यात्रियों को नैनीसैनी हवाई पट्टी पर हिमालय बचाओ अभियान के तहत स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इस मौके पर एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर विनोद, वैंकट, राकेश, महेश कांडपाल, प्रताप नाथ, दल के जन सपंर्क अधिकारी विशाल कुमार, नारायणन कुट्टी, दीपक बिष्ट आदि मौजूद रहे।