पिथौरागढ़। जून 2013 में आई आपदा के बाद धारचूला और मुनस्यारी तहसील में नदियों के किनारे तटबंध बनाने का काम करने वाले ठेकेदारों को शासन से धन मिलने के बाद भी 25 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो रहा है। ठेकेदारों ने अब इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखने का फैसला लिया है।
ठेकेदार संगठन के जिलाध्यक्ष तारा चंद ने कहा कि ठेकेदारों ने दो साल पहले काम पूरा कर लिया था, लेकिन उनकी फिक्स डिपॉजिट (एफडी) की राशि भी वापस नहीं की गई है। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता पीके दीक्षित का कहना है कि ठेकेदारों को जल्दी भुगतान हो जाएगा। ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष का आरोप है कि कमीशन के चक्कर में यह धनराशि रोकी गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि तटबंध निर्माण का करीब 90 करोड़ रुपये का काम किया गया था। सभी ठेकेदारों ने यह काम वर्ष 2015 में पूरा कर लिया था। बताया गया कि डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी के कई ठेकेदारों का पैसा इस मद में अटका हुआ है। चंद ने कहा कि भुगतान के लिए एक हफ्ते का समय विभाग को दिया जा रहा है। उसके बाद ठेकेदारों का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर सभी प्रमाणों के साथ अपनी बात रखेगा।