पिथौरागढ़। नगर के चंडाक मार्ग पर एक बार फिर तेंदुए का आतंक होने लगा है। मंगलवार रात तेंदुए ने इस मार्ग पर एक गाय पर हमला कर घायल कर दिया। गाय के पिछले हिस्से का मांस तेंदुए ने नोंचकर खा दिया है। चंडाक मार्ग पर रोज सुबह सैकड़ों लोग घूमने जाते हैं। तेंदुए की सक्रियता से लोगों में दहशत है और वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया जाए।
चंडाक जाने वाली सड़क पर अक्सर तेंदुआ नजर आता है। पिछले साल तेंदुआ आबादी में भी घुस गया था। इस इलाके में तेंदुआ अक्सर बछड़ों और कुत्तों का शिकार करता था, लेकिन अब वह बड़े जानवरों पर भी हमला करने लगा है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ इसी इलाके में घूम रहा होगा और वह किसी भी समय आबादी की ओर रुख कर सकता है।
बुधवार की सुबह जब लोग चंडाक मार्ग पर घूमने के लिए गए तो लोनिवि डाक बंगले के पास घायल गाय को देखकर दहशत में आ गए। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि चंडाक मार्ग पर तेंदुए की सक्रियता एक-दो दिन के भीतर ही बढ़ी है। उन्होंने कहा कि वनकर्मियों को इलाके में गश्त के लिए कह दिया गया है और लोगों से अपील की है कि वह अंधेरे में इस इलाके में घूमने न जाएं।
कई गांवों में तेंदुए का आतंक
थल (पिथौरागढ़)। मुवानी के नजदीक कई गांवों में तेंदुए का आतंक होने लगा है। पाली, विनायक, नाली, बेस, गडेरा गांवों में तेंदुआ कुत्तों और पालतू जानवरों को मार रहा है। तेंदुए ने पाली गांव में मनोहर राम की गाय को मार दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अमर जीत ने वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर तेंदुए का आतंक समाप्त करने की मांग की है और पीड़ित पशुपालक को मुआवजा देने को कहा है।