धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार जारी है। इस बार व्यापारियों की मांग पर प्रशासन ने 31 अक्तूबर तक के लिए व्यापार परमिट जारी किया है। इस कारण व्यापारी निश्चिंत होकर व्यापार कर रहे हैं। तिब्बत की मंडी को 65.35 लाख रुपये का सामान निर्यात हो चुका है। तिब्बत की मंडी से 35.87 लाख रुपये का सामान आयात हो चुका है। एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि इस समय तिब्बत की मंडी तकलाकोट में 45 व्यापारी, 42 सहायक हैं। 195 लोगों को व्यापार परमिट जारी किया गया है, जबकि 78 व्यापारियों, 170 सहायकों ने परमिट के लिए आवेदन किया था। व्यापारी तकलाकोट से गुंजी आकर सामान पहुंचा रहे हैं और गुंजी से फिर नया सामान लेकर तकलाकोट जा रहे हैं। इस बार जून के बाद किसी भी व्यापारी और सहायक को परमिट जारी नहीं किया गया। कहा कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाने से इस बार व्यापार में अच्छी गति आई है। सितंबर में तिब्बत में कई मेले, उत्सव होते हैं, उस दौरान सामान की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। सीमांत के व्यापारी तकलाकोट मंडी तक इस बार गुड़, मिश्री के पैकेट, स्टील के बर्तन, रेडीमेड कपड़े, सुरती जैसी सामग्री लेकर गए हैं। तिब्बत से मुख्य रूप से ऊनी कपड़े, ऊन, जूते, खिलौने आदि का आयात हो रहा है। तहसील के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पीएस कुटियाल ने बताया कि व्यापार की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है। व्यापारियों को 31 अक्तूबर से पहले तकलाकोट मंडी से वापस आना होगा। 31 अक्तूबर के बाद किसी भी व्यापारी को तकलाकोट में रहने की अनुमति नहीं होगी।
मौसम पर निर्भर रहेगा व्यापार
धारचूला। अक्तूबर में उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात होने लगता है। कई बार ऐसा हुआ है कि व्यापारियों को बर्फ के कारण लिपुलेख दर्रा पार करने में दिक्कत आती है। यदि मौसम सामान्य रहा तो व्यापारी 31 अक्तूबर तक तिब्बत में रहेंगे, अन्यथा उनको निर्धारित तिथि से पहले तिब्बत की मंडी को छोड़ना पड़ सकता है।
कस्टम के अधिकारी तैनात रहेंगे
धारचूला। गुंजी में कस्टम विभाग के अधिकारी 31 अक्तूबर तक तैनात रहेंगे। तिब्बत की मंडी से आने वाले सामान और यहां से तिब्बत की मंडी ले जाए जाने वाले सारे सामान का ब्योरा कस्टम विभाग के अधिकारी रखते हैं। सारे सामान की बाकायदा जांच की जाती है। व्यापार शुरू होने से पहले कस्टम के अधिकारी गुंजी पहुंच गए थे।