फुटबाल में सिरमौर रहा है पिथौरागढ़
पिथौरागढ़। अतीत में पिथौरागढ़ को फुटबाल के गढ़ के रूप में जाना जाता था। बेहतरीन खेल की बदौलत इस जिले के महान फुटबालर स्वर्गीय त्रिलोक सिंह बसेड़ा को आयरन वॉल ऑफ इंडिया नाम से नवाजा गया था। भारतीय सेना के सूबेदार बसेड़ा वर्ष 1962 में जकार्ता में हुई एशियन फुटबाल प्रतियोगिता की विजेता टीम के सदस्य रहे। एशिया चैंपियन भारतीय टीम के भारत के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू भी कायल थे। यहां के कई फुटबालर राष्ट्रीय स्तर पर खेल कौशल दिखा चुके हैं। आज भी जिले में फुटबाल का क्रेज है। यही कारण है कि यहां ऑल इंडिया फुटबाल टूर्नामेंट का लगातार आयोजन हो रहा है।
18 अक्तूबर 1934 को देवलथल के एक छोटे से गांव भंडारीगांव में किसान लक्ष्मण सिंह बसेड़ा और कौशल्या बसेड़ा के घर में जन्मे त्रिलोक बसेड़ा 16 वर्ष की उम्र में वर्ष 1950 में बसेड़ा सेना के ईएमई (इलेक्ट्रानिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स) कोर में भर्ती हुए। बेहतरीन एथलीट बसेड़ा का चयन ईएमई की फुटबाल टीम में हो गया और देखते ही देखते उन्होंने फुटबाल में महारत हासिल कर ली, उन्हें भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया। बसेड़ा वर्ष 1962 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का प्रमुख हिस्सा थे।
बसेड़ा ने चार एशियन प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1958 में ऑल इंडिया हीरोज टूर्नामेंट, उसी साल संतोष ट्राफी की विजेता टीम के बसेड़ा प्रमुख खिलाड़ी थे। 29 जनवरी 1979 को उनका निधन हो गया। यह बात दीगर है कि इतनी बड़ी उपलब्धियों के बाद भी आयरन वॉल बसेड़ा को कोई राष्ट्रीय पुरस्कार न मिल सका। राज्य सरकार ने 9 नवंबर 2014 को मरणोपरांत खेल रत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा।
बात जिले के अन्य फुटबालरों की करें तो सोरघाटी के संजय रावल देश की प्रतिष्ठित फुटबाल टीम महेंद्रा एंड महेंद्रा से खेल चुके हैं। मनोज पुनेठा पंजाब की टीम से खेल चुके हैं। आनंद मल मुंबई के कई क्लबों से खेले। राजेंद्र बिष्ट, विनोद वल्दिया, हेम पुनेठा, अनिल पुनेठा, भुवन पंत, शेखर कपूर, संजय मल, भूपेंद्र चौहान, आनंद रावत समेत सोरघाटी के 55 खिलाड़ी नेशनल स्तर पर फुटबाल खेल चुके हैं।
सोरघाटी की लड़कियां भी कम नहीं
सोरघाटी में अव्वल दर्जे की महिला फुटबालर हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भड़कटिया निवासी फुटबालर निर्मला कुमारी ने न केवल नेशनल फुटबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, बल्कि वर्ष 2012 में उनका चयन इंडिया कैंप के लिए हुआ। उन्होंने तिरुअनंतपुरम में लगे इंडिया कैंप में फुटबाल का प्रशिक्षण हासिल किया था। सोनी मेहता, निशा नेगी, दीक्षा उपाध्याय, बीना कुमारी, नीलम धामी, सीमा सिंह, नीतू यादव, सुमन धामी, सोनम थापा, हेमा जोशी, निशा बिष्ट, नेहा मेहता, पुष्पा बिष्ट ने स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। जिले की 36 लड़कियां नेशनल स्तर पर फुटबाल खेली हैं।