इस हालत में पहुंची थल-लेजम सड़क
- फोटो : अमर उजाला
थल-लेजम सड़क पर लोक निर्माण विभाग 18 वर्ष बाद भी डामर नहीं कर पाया है। इस कारण चार किलोमीटर लंबी इस सड़क पर वाहन चलाने और पैदल चलने में लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। वहीं, विभागीय उपेक्षा के खिलाफ पूर्व प्रधान विनोद पंत ने आत्मदाह की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर सड़क पर डामर नहीं हुआ तो वह लोनिवि कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे।
थल से लेजम तक चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1999 में हो गया था। राज्य गठन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शायद सरकार सड़क को जरूर पक्का करेगी, लेकिन अब तक सड़क की दशा नहीं सुधरी है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि विभाग ने कहीं कागजों में इस सड़क को डामरीकरण न दिखा दिया हो। दो वर्ष पहले इस सड़क का लोनिवि के मुख्य अभियंता ने पूर्व विधायक नारायण राम आर्य के साथ दौरा किया था और सड़क पर शीघ्र डामर बिछाने का आश्वासन दिया था।
पूर्व प्रधान पंत का कहना है कि जब इतने बड़े अधिकारी के आश्वासन के बाद भी सड़क पर डामर नहीं हुआ तो इससे साबित होता है कि विभाग में कितनी संजीदगी से काम होता है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीडी जोशी ने कहा कि सड़क पर डामर बिछाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। धन स्वीकृत होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह खुद भी सड़क का निरीक्षण करेंगे।