कैलास मानसरोवर यात्रियों का 17वां दल पिथौरागढ़ में
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर 17वें दल के सदस्य भी लौट गए हैं। शनिवार को दल के सदस्यों ने पिथौरागढ़ पर्यटक आवासगृह में दोपहर का भोजन किया। अब कैलास मानसरोवर की यात्रा से सिर्फ एक दल को लौटना है। नौ सितंबर को अंतिम दल के दिल्ली पहुंचते ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा।
17वें दल में सबसे कम यात्री हैं। पांच महिलाओं समेत 24 सदस्यों वाले दल के लायजन आफीसर आईटीबीपी के कमांडेंट होशियार सिंह ने कहा कि यात्रा बेहद आनंददायक रही। टीआरसी में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी समेत सभी कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। उधर, धारचूला आधार शिविर में भी यात्रियों का स्वागत हुआ। यात्रियों ने मालपा में 18 अगस्त 1998 को मारे गए यात्रियों को श्रद्धांजलि दी। विगत तीन वर्षों से लगातार तीसरी बार यात्रा कर रहे राजस्थान निवासी दंपति 64 वर्षीय रमेश चंद्र भट्ट और उनकी पत्नी विजया लक्ष्मी (58) ने कहा कि भोलेनाथ की महान कृपा है कि उन्हें लगातार कैलास दर्शन का अवसर मिल रहा है।
पहली बार यात्रा पर आई दिल्ली निवासी अनुपमा सुशील ने कहा कि कैलास मानसरोवर यात्रा बेहद रोमांचित करने वाली है। दल के लायजन आफीसर होशियार सिंह ने बताया कि पूरी यात्रा में चीन में सुविधाओं का विस्तार हुआ है, लेकिन भारतीय क्षेत्र में सुविधाओं की भारी कमी है। मालपा से लखनपुर तक छह किलोमीटर के पैदल रास्ते को वह बेहद खतरनाक बताते हैं। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि अब अंतिम दल के आने का इंतजार है।