पिथौरागढ़। उत्तराखंड एयरोस्पोर्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन सौंपकर उत्तराखंड फुट लांच एयरो स्पोर्ट (पैराग्लाइडिंग) नियमावली में संशोधन करने की मांग की। उन्होंने नियमावली को जनविरोधी और पक्षपातपूर्ण बताया है।
कहा है कि स्थानीय पायलट जो प्रतिदिन उड़ान भरते हैं, उनके लिए प्रत्येक दिन की अनुमति दो सप्ताह पहले लेना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने एकल पैराग्लाइडिंग की अनुमति देने का अधिकार जिला पर्यटन विकास अधिकारी को देने, विगत कई वर्षों से पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दे रहे स्थानीय युवाओं को निर्धारित आवश्यक डिजिटल रिकार्ड प्राप्त करने के लिए दो वर्ष का समय देने की मांग की गई है।
कहा है कि प्रदेश में भी रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण, शिलारोहण, ट्रैकिंग आदि किसी भी साहसिक खेलों में अनुदेशकों के लिए तकनीकी समिति के समक्ष मौखिक और व्यावहारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रावधान नहीं है। पैराग्लाइडिंग के लिए ही यह नियम रखा गया है। कहा है कि 20 वर्षों से प्रदेश में पैराग्लाइडिंग को जीवित रखने वाले पायलटों की संस्थाओं को तकनीकी समिति से बाहर रखा गया है।
ज्ञापन में पैराग्लाइडिंग एक्ट की पुन: समीक्षा कर संशोधन करने की मांग की है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रशिक्षित युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में एसोसिएशन के अशोक भंडारी, संजय पुनेड़ा, शंकर खड़ायत, मनीष मखौलिया, संजय राज, राजू पुनेड़ा, किशोर बोरा आदि थे।